इलेक्ट्रो-होम्योपैथी की दवाइयों के प्रमुख समूह: पूरी आसान जानकारी

इलेक्ट्रो-होम्योपैथी की दवाइयों के प्रमुख समूह
इलेक्ट्रो-होम्योपैथी की दवाइयों के प्रमुख समूह

इलेक्ट्रो-होम्योपैथी (Electro-Homeopathy) में दवाइयों को उनके कार्य और शरीर के अलग-अलग तंत्रों पर प्रभाव के आधार पर कई समूहों में बांटा गया है। इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा में अब तक कुल 60 दवाओं की खोज की जा चुकी है।

ये सभी औषधियाँ वनस्पति जगत के 114 पौधों के विभिन्न भागों को अलग-अलग अनुपातों में मिलाकर, संकरण विधि द्वारा तैयार की जाती हैं। आरंभ में, Dr. Count Cesare Mattei ने कुल 60 औषधियाँ तैयार की थीं। इन्हें शरीर के विभिन्न अंगों और उनके कार्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। बाद में, जब विभिन्न प्रकार के लोग चिकित्सकों के पास आने लगे, तो सुविधा के लिए कुछ अलग प्रकार की औषधियों को आपस में मिलाकर इनकी संख्या बढ़ा दी गई। इनका प्रयोग बाह्य और आंतरिक दोनों रूपों में किया जाता है। आंतरिक रूप से गोलियों और तनुकरणों के रूप में, बाह्य रूप से लोशन, कंप्रेस, पेंट, लिनीमेंट, स्नान और इंजेक्शन के रूप में।

इस लेख में हम इलेक्ट्रो-होम्योपैथी के प्रमुख दवा समूहों को आसान भाषा में समझेंगे।

महत्वपूर्ण सूचना: यह जानकारी इलेक्ट्रो-होम्योपैथी के पारंपरिक सिद्धांतों पर आधारित है। आधुनिक वैज्ञानिक चिकित्सा में इन सभी दावों की प्रभावशीलता पूरी तरह स्थापित नहीं है। किसी भी बीमारी के उपचार के लिए योग्य चिकित्सक से सलाह लें।

इलेक्ट्रो-होम्योपैथी में दवाइयों का वर्गीकरण

इलेक्ट्रो-होम्योपैथी में दवाइयों को मुख्य रूप से शरीर के अलग-अलग सिस्टम और कार्यों के अनुसार बांटा जाता है।

1. सेक्रोफोलोस (Scrofoloso) – लसीका तंत्र शुद्धिकरण

इस समूह को Purification of Lymph कहा जाता है। इस समूह में लगभग 12 (S1 से S12) दवाइयां हैं।

लसीका तंत्र पर कार्य

मेटाबॉलिज्म को समर्थन

इलेक्ट्रो-होम्योपैथी के अनुसार यह शरीर के मेटाबॉलिज्म और लसीका तंत्र को संतुलित रखने में सहायता करती हैं।

2. लिम्फाटिको (Lymphatico)

इस समूह में मुख्य रूप से 2 दवाइयां (L1 और L2) हैं।

पारंपरिक मान्यता के अनुसार इनका संबंध शरीर की लसीका प्रणाली तथा रक्त की लाल (RBC) और सफेद (WBC) रक्त कोशिकाओं से माना जाता है।

3. एंजियोटिकोस (Angioiticos)

इस समूह को रक्त शुद्धिकरण (Blood Purification) से संबंधित माना जाता है।

इसमें लगभग 3 दवाइयां शामिल हैं, जिन्हें इलेक्ट्रो-होम्योपैथी के सिद्धांतों में रक्त संचार और रक्त संबंधी संतुलन के लिए वर्णित किया गया है।

4. फेब्रीफ्यूगोस (Febrifugos)

इस समूह का संबंध बुखार और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) से बताया जाता है।

पारंपरिक विवरण के अनुसार इनका उपयोग बुखार जैसी अवस्थाओं में सहायक रूप में माना गया है। इस समूह में मुख्य रूप से 2 दवाइयां हैं।

5. पेट्टोराले (Pettorale)

इस समूह में लगभग 9 दवाइयां बताई जाती हैं।

इलेक्ट्रो-होम्योपैथी के अनुसार यह श्वसन तंत्र (Respiratory System) से संबंधित मानी जाती हैं।

6. वर्मीफ्यूगोस (Vermifugos)

यह समूह कीटाणुओं और आंतों के कीड़ों (Worms) से संबंधित माना जाता है।

इसमें लगभग 2 दवाइयां (Verm1 और Verm2) हैं। पारंपरिक सिद्धांतों में इनका संबंध पाचन तंत्र और तंत्रिका तंत्र दोनों से जोड़ा गया है।

7. कैंसरोसोस (Cancerosos)

यह इलेक्ट्रो-होम्योपैथी का एक बड़ा समूह माना जाता है।

इसमें लगभग 17 दवाइयां (C1 से C17) का उल्लेख मिलता है। पारंपरिक साहित्य में इन्हें गंभीर रोग अवस्थाओं से संबंधित बताया गया है, इन दवाइयां का इस्तेमाल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों में किया जाता है।

8. वेनेरियो (Venerio)

इस समूह में लगभग 5 दवाइयां (Ven1 से Ven5) हैं।

पारंपरिक इलेक्ट्रो-होम्योपैथी में इनका संबंध यौन संचारित रोगों (Venereal Diseases) से बताया गया है। आधुनिक चिकित्सा में ऐसे रोगों का उपचार वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दवाओं से ही कराया जाना चाहिए।

इलेक्ट्रिसिटीज (Electricities) क्या हैं?

इलेक्ट्रो-होम्योपैथी में Electricities को विशेष महत्व दिया गया है।

इस पद्धति के अनुसार ये शरीर के विभिन्न भागों पर बाहरी रूप से लगाने वाली तैयारियां मानी जाती हैं। इनमें Aqua Perla Pelli जैसी तैयारियों का भी उल्लेख मिलता है, जिन्हें त्वचा पर लगाने के लिए वर्णित किया गया है।

लिम्फैटिक टेम्परामेंट क्या है?

इलेक्ट्रो-होम्योपैथी के अनुसार कुछ लोगों की शारीरिक प्रकृति को Lymphatic Temperament कहा जाता है।

पारंपरिक मान्यता के अनुसार ऐसे लोगों में लसीका तंत्र का प्रभाव अधिक माना जाता है और उनके लिए अलग प्रकार की दवाओं का चयन किया जाता है।

इलेक्ट्रो-होम्योपैथी के प्रमुख दवा समूह – सारांश

दवा समूहपारंपरिक उद्देश्य
Scrofolosoलसीका तंत्र शुद्धिकरण
Lymphaticoलसीका संतुलन
Angioiticosरक्त शुद्धिकरण
Febrifugosबुखार व तंत्रिका तंत्र
Pettoraleश्वसन तंत्र
Vermifugosकीटाणु व कीड़े
Cancerososगंभीर रोगों के लिए वर्णित समूह
Venerioयौन संचारित रोगों से संबंधित पारंपरिक समूह

लेखक:- Dr. Parminder Singh (BEMS)

अस्वीकरण: इस साइट पर उपलब्ध सभी जानकारी और लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। यहाँ पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। हमेशा एक योग्य चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

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