
परिवार नियोजन क्या है?
गर्भ स्थापित होने से रोकने के उपायों को गर्भनिरोधक (Birth Control / Contraception) कहा जाता है। परिवार नियोजन का मुख्य उद्देश्य दो बच्चों के बीच उचित अंतर रखना, परिवार को छोटा व स्वस्थ बनाए रखना तथा माता-पिता के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
कई बार महिला का स्वास्थ्य गर्भधारण के लिए अनुकूल नहीं होता, ऐसी स्थिति में गर्भनिरोधक उपाय अपनाना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
गर्भनिरोधक उपायों के प्रकार
परिवार नियोजन के उपाय मुख्यतः संयम, महिला उपाय और पुरुष उपाय के रूप में विभाजित किए जाते हैं।
1. संयम द्वारा गर्भनिरोध
(1) सम्पूर्ण संयम
इसमें संभोग से पूरी तरह परहेज किया जाता है।
(2) सुरक्षित काल में संयम
महिला के मासिक धर्म चक्र के अनुसार ओव्यूलेशन (अंडा पकने) के समय संभोग न करना।
महत्वपूर्ण जानकारी
- अंडा सामान्यतः अगले मासिक धर्म से लगभग 14 दिन पहले पकता है
- इसके 2 दिन पहले और 2 दिन बाद संभोग निषेध होता है
- अनियमित मासिक धर्म वाली महिलाओं में यह तरीका कम भरोसेमंद होता है
2. महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक उपाय
(1) शुक्राणुनाशक दवाइयाँ
ये दवाइयाँ शुक्राणुओं को नष्ट कर देती हैं और गर्भ ठहरने से रोकती हैं।
ये जैली, क्रीम या पैसरी के रूप में उपलब्ध होती हैं, जिन्हें संभोग से पहले योनि में रखा जाता है।
उदाहरण: टु-डे, टु-डे
(2) डाउचिंग (Douching)
संभोग के तुरंत बाद स्पर्मिसाइडल दवा से योनि की सफाई की जाती है।
(3) IUCD (ई.यू.सी.डी.) – कॉपर-टी और मल्टी लोड
कॉपर-टी
- गर्भाशय में लगाया जाता है
- 3 से 5 वर्ष तक प्रभावी
- भारत सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध
मल्टी लोड
- उल्टे ‘U’ आकार का उपकरण
- 3 वर्ष तक गर्भ रोकने में सक्षम
सावधानियाँ
- लगाने से पहले गर्भ न होने की पुष्टि आवश्यक
- मासिक धर्म समाप्त होने के 5वें दिन लगाना उचित
- संक्रमण, ल्यूकोरिया या ट्यूमर की स्थिति में पहले उपचार जरूरी
(4) गर्भनिरोधक गोलियाँ (Contraceptive Pills)
यह परिवार नियोजन का सस्ता, सुरक्षित और सरल उपाय है।
प्रमुख गर्भनिरोधक गोलियाँ
- माला-एन
- माला-डी
- डुओलूटान-एल
- ओव्रल / ओव्रल-एल
- ट्राईकूलार
- सहेली
- सेण्ट्रोन
- फेमिलोन
- नोवेलोन
सहेली / सेण्ट्रोन (सेंटक्रोमेन)
- सप्ताह में 2 बार 3 माह तक
- बाद में सप्ताह में 1 बार
अन्य हार्मोनल गोलियाँ
- 21 टैबलेट का पैक
- मासिक धर्म के 5वें दिन से सेवन
- रोज़ रात भोजन के बाद 1 गोली
डॉक्टर की सलाह अनिवार्य
गर्भनिरोधक गोलियों के दुष्प्रभाव
- सिरदर्द
- जी मिचलाना
- वजन बढ़ना
- ब्लड प्रेशर
- मासिक धर्म में बदलाव
गर्भनिरोधक गोलियों का निषेध
- हृदय, यकृत या गुर्दे की बीमारी
- कैंसर
- उच्च रक्तचाप
- 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएँ
3. पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक उपाय
(1) कंडोम (निरोध)
- सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध
- यौन रोगों से सुरक्षा
- प्रत्येक संभोग में नया कंडोम आवश्यक
(2) पुरुष नसबंदी (Vasectomy)
- शुक्राणु ले जाने वाली नली काटी जाती है
- मर्दाना शक्ति पर कोई प्रभाव नहीं
- स्थायी गर्भनिरोधक उपाय
महत्वपूर्ण तथ्य
- ऑपरेशन के बाद तुरंत काम कर सकते हैं
- 6 माह तक अन्य गर्भनिरोधक उपाय आवश्यक
4. महिला नसबंदी (Tubectomy)
- फैलोपियन ट्यूब काटकर बांधी जाती है
- स्थायी समाधान
- आजकल दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) विधि प्रचलित
- सरकारी अस्पतालों में मुफ्त सुविधा
निष्कर्ष
परिवार नियोजन न केवल जनसंख्या नियंत्रण का माध्यम है, बल्कि यह माता-पिता और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की नींव भी है। सही जानकारी, चिकित्सकीय सलाह और उपयुक्त गर्भनिरोधक उपाय अपनाकर एक स्वस्थ और खुशहाल परिवार बनाया जा सकता है।
परिवार नियोजन से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
परिवार नियोजन वह प्रक्रिया है, जिसमें गर्भनिरोधक उपाय अपनाकर बच्चों की संख्या सीमित रखी जाती है या दो बच्चों के बीच उचित अंतर रखा जाता है।
गर्भनिरोधक उपाय माता के स्वास्थ्य की रक्षा, आर्थिक संतुलन, बच्चों की बेहतर परवरिश और जनसंख्या नियंत्रण के लिए आवश्यक हैं।
हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग उपाय उपयुक्त होते हैं। सामान्यतः कंडोम, कॉपर-टी और गर्भनिरोधक गोलियाँ सुरक्षित मानी जाती हैं। स्थायी उपाय के लिए नसबंदी सबसे प्रभावी है।
कॉपर-टी या मल्टी लोड सामान्यतः 3 से 5 वर्षों तक गर्भ रोकने में प्रभावी रहती है।
कुछ महिलाओं को प्रारंभ में हल्का दर्द या अधिक रक्तस्राव हो सकता है, लेकिन यह समस्या कुछ समय में स्वतः ठीक हो जाती है।
गर्भनिरोधक गोलियाँ मासिक धर्म के 5वें दिन से रोज़ एक गोली रात को भोजन के बाद लेनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह आवश्यक है।
सिरदर्द, जी मिचलाना, वजन बढ़ना, ब्लड प्रेशर बढ़ना और मासिक धर्म में बदलाव हो सकते हैं।
हाँ, गोलियाँ बंद करने के 3–4 महीनों के भीतर गर्भ ठहर सकता है।
कंडोम गर्भनिरोध के साथ-साथ यौन रोगों से भी सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन फटने या लीक होने की स्थिति में असफल हो सकता है।
नहीं, पुरुष नसबंदी से यौन इच्छा या मर्दाना शक्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
हाँ, महिला नसबंदी (ट्यूबेक्टॉमी) स्थायी गर्भनिरोधक उपाय है, जिसके बाद गर्भधारण संभव नहीं होता।
हाँ, भारत सरकार द्वारा कॉपर-टी, कंडोम, गोलियाँ और नसबंदी ऑपरेशन सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं।
यदि मासिक धर्म नियमित हो तो यह कुछ हद तक प्रभावी हो सकती है, लेकिन अनियमित मासिक धर्म वाली महिलाओं में यह विधि भरोसेमंद नहीं होती।
हाँ, विशेषकर गर्भनिरोधक गोलियाँ और IUCD लगाने से पहले महिला चिकित्सक से जांच व सलाह अत्यंत आवश्यक है।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना हेतु है, यह चिकित्सीय सलाह नहीं है। किसी भी उपचार से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।


