Late Onset Neonatal Sepsis (बच्चों में रक्त विषाक्तता) – कारण, लक्षण और उपचार

Late onset neonatal sepsis infographic

Late Onset Neonatal Sepsis क्या है?

Late Onset Neonatal Sepsis (LONS) नवजात शिशुओं में होने वाला एक गंभीर रक्त संक्रमण (Blood Infection) है, जो जन्म के 72 घंटे बाद विकसित होता है। इसे सेप्टीसीमिया (Septicemia) या रक्त विषाक्तता भी कहा जाता है।

यह स्थिति तेजी से बढ़ती है और समय पर उपचार न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है।


सेप्सिस (Sepsis) क्या है?

Sepsis एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिसमें शरीर संक्रमण से लड़ने के दौरान अत्यधिक प्रतिक्रिया देता है, जिससे शरीर के अंगों और ऊतकों को नुकसान पहुंच सकता है।

नवजात शिशुओं में यह संक्रमण अधिक खतरनाक होता है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) पूर्ण विकसित नहीं होती।


Late Onset Neonatal Sepsis के कारण

यह संक्रमण निम्न कारणों से हो सकता है:

  • बैक्टीरिया (Bacterial Infection)
  • फंगल (Fungal Infection)
  • परजीवी संक्रमण
  • अस्पताल में प्राप्त संक्रमण (Hospital-acquired infection)
  • संक्रमित उपकरण या कैथेटर
  • संक्रमित घाव
  • मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI)
  • छाती का संक्रमण (Pneumonia)

जोखिम कारक (Risk Factors)

  • समय से पहले जन्मे शिशु (Preterm Baby)
  • कम जन्म वजन
  • इम्यून डेफिशिएंसी
  • लंबे समय तक NICU में भर्ती रहना
  • कीमोथेरेपी प्राप्त कर रहे बच्चे

Late Onset Neonatal Sepsis के लक्षण

नवजात शिशुओं में लक्षण सामान्य संक्रमण से अलग हो सकते हैं। निम्न संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए:

  • 100.4°F या उससे अधिक बुखार
  • शरीर का तापमान 98.6°F से कम हो जाना
  • ठंड लगना और कंपकंपी
  • सांस तेज चलना
  • पल्स बहुत तेज होना
  • दूध न पीना
  • उल्टी या दस्त
  • सामान्य से कम गीली नैपी
  • अत्यधिक सुस्ती या थकान
  • त्वचा का पीला या नीला पड़ना

⚠️ यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।


जांच (Diagnosis)

डॉक्टर निम्न जांचें कर सकते हैं:

  • ब्लड कल्चर
  • सी-रिएक्टिव प्रोटीन (CRP)
  • कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC)
  • मूत्र परीक्षण
  • एक्स-रे (यदि फेफड़ों का संक्रमण संदेह हो)

उपचार (Treatment)

Late Onset Neonatal Sepsis का उपचार तुरंत शुरू किया जाना चाहिए:

  • इंट्रावेनस एंटीबायोटिक्स
  • ऑक्सीजन सपोर्ट
  • तरल पदार्थ (IV Fluids)
  • NICU में निगरानी
  • गंभीर मामलों में वेंटिलेटर सपोर्ट

उपचार की अवधि संक्रमण की गंभीरता पर निर्भर करती है।


बचाव के उपाय

  • हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान
  • स्तनपान को बढ़ावा देना (मां का दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है)
  • अस्पताल में स्वच्छ वातावरण
  • समय पर टीकाकरण
  • बीमार व्यक्ति से शिशु को दूर रखना

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि शिशु:

  • दूध पीना बंद कर दे
  • अत्यधिक सुस्त हो जाए
  • तेज बुखार या शरीर ठंडा हो
  • सांस लेने में कठिनाई हो

तो तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लें।


निष्कर्ष

Late Onset Neonatal Sepsis नवजात शिशुओं में एक गंभीर और जानलेवा स्थिति हो सकती है। लेकिन समय पर पहचान, सही जांच और उचित उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। माता-पिता को शिशु के व्यवहार और स्वास्थ्य में होने वाले छोटे बदलावों पर भी ध्यान देना चाहिए।


चिकित्सा संबंधी अस्वीकरण

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